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प्रेमी युगल ने की आत्महत्या,पिता बोला अब क्या बचा है" लड़का भी मेरा...लड़की भी मेरी,

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 सुसाइड नोट में जताई थी किलिंग की आशंका

बांदा जिले में प्रेमी युगल ने खुदकुशी करने से पूर्व एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। शहर कोतवाल अनूप दुबे ने बताया कि सुसाइड नोट में मृतक रामरूप ने लिखा है कि वह अर्चना से बेहद प्यार करता है। यह बात हम दोनों के घरवाले जानते थे। इसके बावजूद अर्चना के पिता ने उसकी शादी करा दी।पहली विदा के बाद ही अर्चना उसके पास सूरत आ गई। वह परिजनों के साथ जाने को तैयार नहीं थी। बाद में परिजन हम दोनों को लेकर गांव आ गए थे। फिर अर्चना को ससुराल भेज दिया था। रामरूप के लिखे नोट के मुताबिक अर्चना के पिता और भाई अर्चना के इस कदम से उसे मार सकते हैं, इसलिए वह दोनों खुदकुशी कर रहे हैं।

शहर कोतवाल ने यह भी बताया कि मरने से पूर्व दाेनों ने अपने-अपने परिजनों को मोबाइल में मैसेज डालकर ट्रेन से कटकर जान देने का मैसेज भी किया था। इस बात को मृतक रामरूप के भाई ओम सिंह ने स्वीकार किया है। उसने रामरूप की हस्तलिखित पत्र की राइटिंग की भी तस्दीक की है
कर्ज चुकाने के लिए कर रहा था सूरत में नौकरी
गिरवां क्षेत्र के अमृतपुर खेरवा निवासी रामरूप होली का त्योहार और पुलिस की भर्ती देखकर गांव से सूरत कमाने के लिए गया था। वह छह बहनों और दो भाइयों में पांचवे नंबर का था। एक भाई व एक बहन की शादी होना बाकी है। पिता विलास कुशवाहा सोमनाथ में चौकीदारी करते हैं। वह करीब एक साल से घर नहीं आए।होली के त्योहार में आया था गांव
पोस्टमार्टम हाउस में मां बिटिया ने बताया कि चार बहनों की शादी का कर्जा हो गया था। उसी कर्जा को चुकाने के लिए रामरूप सूरत में कमाने जाता था। होली के त्योहार में वह गांव आया था। यहां उसके साथ अर्चना भी आई थी। अर्चना को उसके घरवाले अपने साथ ले गए थे।
बोला था कि, इस बार गर्मी बहुत पड़ रही है
उसके बाद रामरूप ने पुलिस की भर्ती की परीक्षा भी दी थी। उसने अतर्रा डिग्री कॉलेज से बीए किया हुआ है। 15 अप्रैल को उसने फोन करके अपनी खैरियत बताई थी। बोला था कि, इस बार गर्मी बहुत पड़ रही है। वह गांव आ रहा था। इसके बाद से उनका फोन से उससे संपर्क नहीं हो सका।
लड़का भी मेरा, लड़की भी मेरी, अब क्या बचा है
लड़का भी मेरा लड़की भी मेरी, दोनों ने ऐसा कदम उठा लिया अब क्या बचा है। पोस्टमार्टम हाउस में अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के ऐंचवारा गांव निवासी अर्चना के पिता भगवान दास ने रूधे गले से यह कहा।
नहीं दिखे अर्चना के ससुरालीजन
पोस्टमार्टम हाउस में अर्चना (मृतका) के ससुरालीजन नहीं आए। अलबत्ता उसके मायके पक्ष से पिता व अन्य रिश्तेदार ही दिखाई पड़े। वह भी पोस्टमार्टम हाउस से काफी दूर मेडिकल कॉलेज की चौकी के पास बैठे रहे। मीडिया कर्मियों को देखकर वह इधर-उधर टहलने लगते। उन्होंने ज्यादा कुछ भी बताने से मना कर दिया।
प्रेमी युगल ने ट्रेन से कटकर दी जान
बता दें कि जिले में प्रेमी युगल ने ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। दोनों के शव बुधवार की सुबह अवंतीनगर रेलवे ट्रैक पर मिले। दोनों रिश्ते में मौसेरे भाई-बहन थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल पर फील्ड यूनिट से जांच कराई।
अतर्रा कोतवाली क्षेत्र के अमृतपुर खेरवा गोखिया गांव निवासी रामरूप कुशवाहा (25) और ऐंचवारा गांव की अर्चना कुशवाहा के बीच करीब तीन साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था।
रिश्ते में मौसेरे भाई-बहन थे दोनों
बुधवार को दोनों के शव अवंतिनगर मोहल्ले से गुजरी रेल लाइन पर मिले। दोनों के सिर और धड़ पटरी के दोनों ओर अलग-अलग मिले। युवती की चप्पल ट्रैक के बीच में और धड़ के पास युवक के जूते पड़े थे। आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने बताया कि रामरूप और अर्चना रिश्ते में मौसेरे भाई-बहन थे।
अर्चना का ससुराल में नहीं लग रहा था मन
परिजनों को उनके प्रेम प्रसंग की जानकारी थी। अर्चना की शादी बिसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव में इसी साल 21 जनवरी कर दी गई थी। शादी के बाद अर्चना का ससुराल में मन नहीं लग रहा था। वह दो बार रामरूप से मिलने सूरत जा चुकी थी। दोनों बार घर वाले उसे मनाकर वापस ले आए थे। तीसरी बार अर्चना 23 अप्रैल को ससुराल से फिर चली गई थी।
आखिरी बार मां से फोन पर 15 अप्रैल को हुई थी बातचीत
उसकी गुमशुदगी उसके ससुर ने बिसंडा थाने में दर्ज कराई थी। इसी तरह से रामरूप की भी आखिरी बार मां से फोन पर 15 अप्रैल को बातचीत हुई थी। उसने घर आने के लिए कहा था। इसके बाद बुधवार को दोनों के शव मिलने की सूचना मिली। अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्रा का कहना है कि मामला आत्महत्या का है।





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